कर्णप्रवेशः—रङ्गे द्वन्द्वयुद्धप्रस्तावः तथा अङ्गराज्याभिषेकः
Karna’s Entry, Duel Proposal, and Consecration as King of Aṅga
स्त्रीसड्घा: क्षत्रसड्घाश्व यानसड्घसमास्थिता: । ब्राह्मणैः सह निर्जम्मुत्राह्मिणानां च योषित:,झुंड-की-झुंड स्त्रियाँ और क्षत्रियोंके समुदाय अनेक सवारियोंपर बैठकर बाहर निकले। ब्राह्मणोंके साथ उनकी स्त्रियाँ भी नगरसे बाहर निकलीं
strīsaṅghāḥ kṣatrasaṅghāś ca yānasaṅghasamāsthitāḥ | brāhmaṇaiḥ saha nirjagmur brāhmaṇīnām ca yoṣitaḥ ||
वैशम्पायन बोले— स्त्रियों के झुंड और क्षत्रियों के दल अनेक वाहनों पर आरूढ़ होकर साथ-साथ नगर से बाहर निकले; और ब्राह्मणों के साथ ब्राह्मणों की स्त्रियाँ भी नगर से बाहर आईं।
वैशम्पायन उवाच