आदि पर्व — अध्याय १०६
Pāṇḍu’s Gifts, Forest Residence, and Vidura’s Marriage
नाम चास्यैतदेवेह भविष्यति शुभानने । इत्युक्त्वा स निरक्रामद् भगवानृषिसत्तम:,'शुभानने! इस बालकका नाम भी संसारमें 'पाण्ड” ही होगा।” ऐसा कहकर मुनिश्रेष्ठ भगवान् व्यास वहाँसे निकल गये
nāma cāsyaitad eveha bhaviṣyati śubhānane | ity uktvā sa nirakrāmad bhagavān ṛṣisattamaḥ ||
वैशम्पायन बोले— “शुभानने! इस बालक का नाम इस लोक में ‘पाण्डु’ ही होगा।” ऐसा कहकर ऋषियों में श्रेष्ठ भगवान् व्यास उस स्थान से प्रस्थान कर गए।
वैशम्पायन उवाच