Pratisarga-pravartana (How Re-Creation Proceeds) / पुनःसर्ग-प्रवर्तन
मया चैतत्पुनः प्रोक्तं पुत्रायामितबुद्धये / इत्येव वाक्यं ब्रह्मादिगुरुणां समुदात्दृतम्
mayā caitatpunaḥ proktaṃ putrāyāmitabuddhaye / ityeva vākyaṃ brahmādiguruṇāṃ samudātdṛtam
और मैंने यह बात फिर अपने अमितबुद्धि पुत्र से कही। यही वचन ब्रह्मा आदि गुरुओं द्वारा सम्यक् रूप से धारण किया गया है।