Pratisarga-pravartana (How Re-Creation Proceeds) / पुनःसर्ग-प्रवर्तन
तस्माच्चोशनसा प्राप्तं तस्माच्चापि बृहस्पतिः / बृहस्पतिस्तु प्रोवाच सवित्रे तदनन्तरम्
tasmāccośanasā prāptaṃ tasmāccāpi bṛhaspatiḥ / bṛhaspatistu provāca savitre tadanantaram
उससे (मातरिश्वा से) उशनस को यह प्राप्त हुआ और उससे ही बृहस्पति को भी। फिर बृहस्पति ने उसके बाद सविता को इसका उपदेश किया।