एतद्रहस्यं कथितं तस्याश्चरितमद्भुतम् / भूय एव प्रवक्ष्यामि सावधानमनाः शृणु
etadrahasyaṃ kathitaṃ tasyāścaritamadbhutam / bhūya eva pravakṣyāmi sāvadhānamanāḥ śṛṇu
यह रहस्य मैंने कहा और उसका अद्भुत चरित्र भी। अब फिर से बताऊँगा; सावधान चित्त से सुनो।