श्रीनगर-त्रिपुरा-सप्तकक्षा-पालकदेवताप्रकाशनम्
Revelation of the Guardian Deities of Śrīnagara-Tripurā’s Seven Enclosures
तद्वर्मसलिला नद्यस्तद्वर्णाश्च मणिद्रुमाः / सिद्धजातिषु ये देवीमुपास्य विविधैः क्रमै / त्यक्तवन्तो वपुः पूर्वं ते सिद्धास्तत्र सांगनाः
tadvarmasalilā nadyastadvarṇāśca maṇidrumāḥ / siddhajātiṣu ye devīmupāsya vividhaiḥ kramai / tyaktavanto vapuḥ pūrvaṃ te siddhāstatra sāṃganāḥ
वहाँ नदियों का जल भी उसी वर्ण का है और मणिमय वृक्ष भी उसी वर्ण के हैं। सिद्ध-जातियों में जो देवी की विविध विधियों से उपासना करके पहले देह त्याग चुके हैं, वे सिद्ध वहाँ अपनी संगिनियों सहित निवास करते हैं।