श्रीनगर-त्रिपुरा-सप्तकक्षा-पालकदेवताप्रकाशनम्
Revelation of the Guardian Deities of Śrīnagara-Tripurā’s Seven Enclosures
ललितापरमेशान्यां भक्त ये मानवोत्तमाः / ते तस्या उदकं पीत्वा वज्ररूपकलेवराः / दीर्घायुषश्च नीरोगा भवन्ति कलशोद्भव
lalitāparameśānyāṃ bhakta ye mānavottamāḥ / te tasyā udakaṃ pītvā vajrarūpakalevarāḥ / dīrghāyuṣaśca nīrogā bhavanti kalaśodbhava
ललिता-परमेश्वरी के जो उत्तम मानव भक्त हैं, वे उसका जल पीकर वज्र-सदृश देह वाले हो जाते हैं। हे कलशोद्भव! वे दीर्घायु और निरोग हो जाते हैं।