भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
पुनः पुनस्तप्यमाना पुनरेव च विह्वला / न जगाम रुजाशान्ति मन्मथाग्नेर्महीयसः
punaḥ punastapyamānā punareva ca vihvalā / na jagāma rujāśānti manmathāgnermahīyasaḥ
बार-बार तपती और फिर-फिर व्याकुल होती हुई, महान कामाग्नि की पीड़ा से उसे तनिक भी शान्ति न मिली।