भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
इति श्रीललितादेव्या कृताज्ञावचनं स्मरः / तथेति शिरसा बिभ्रत्सांजलिर्निर्ययौ ततः
iti śrīlalitādevyā kṛtājñāvacanaṃ smaraḥ / tatheti śirasā bibhratsāṃjalirniryayau tataḥ
इस प्रकार श्रीललिता देवी की आज्ञा-वाणी को कृतज्ञ स्मर ने स्वीकार किया। ‘तथास्तु’ कहकर, सिर झुकाए और अंजलि बाँधे हुए वह वहाँ से निकल गया।