भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
अदृश्यमूर्तिः सर्वेषां प्राणिनां भवमोहनः / स्वभार्याविरहाशङ्की देहस्यार्धं प्रदास्यति / प्रयातो ऽसौ कातरात्मा त्वद्बाणाहतमानसः
adṛśyamūrtiḥ sarveṣāṃ prāṇināṃ bhavamohanaḥ / svabhāryāvirahāśaṅkī dehasyārdhaṃ pradāsyati / prayāto 'sau kātarātmā tvadbāṇāhatamānasaḥ
अदृश्य रूप वाला वह, जो समस्त प्राणियों को संसार-मोह में डालता है, अपनी पत्नी-वियोग के भय से अपने शरीर का आधा भाग दे देगा। वह कातर-चित्त होकर चला गया, तुम्हारे बाणों से आहत मन वाला।