भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
एतद्दृष्ट्वा महेन्द्राद्या ऋषयश्च तपोधनाः / साधुसाध्विति शंसंतस्तुष्टुवुर्ललितांबिकाम्
etaddṛṣṭvā mahendrādyā ṛṣayaśca tapodhanāḥ / sādhusādhviti śaṃsaṃtastuṣṭuvurlalitāṃbikām
यह देखकर महेन्द्र आदि देव और तपोधन ऋषि ‘साधु, साधु’ कहकर प्रशंसा करते हुए ललिताम्बिका की स्तुति करने लगे।