भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
आनन्दयन्कटाक्षेण पूर्वजन्मप्रियां रतिम् / अथ सापि रतिर्देवी महत्यानन्दसागरे / मज्जन्ती निजभर्तारमवलोक्य मुदं गता
ānandayankaṭākṣeṇa pūrvajanmapriyāṃ ratim / atha sāpi ratirdevī mahatyānandasāgare / majjantī nijabhartāramavalokya mudaṃ gatā
वह अपने कटाक्ष से पूर्वजन्म की प्रिया रति को आनन्दित करने लगा। तब देवी रति भी, महान् आनन्द-सागर में निमग्न होकर, अपने पति को देखकर हर्ष को प्राप्त हुई।