भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
इत्थं संमोहिताशेषविश्वचक्रो मनोभवः / देवकार्यं सुसम्पाद्य जगाम श्रीपुरं पुनः
itthaṃ saṃmohitāśeṣaviśvacakro manobhavaḥ / devakāryaṃ susampādya jagāma śrīpuraṃ punaḥ
इस प्रकार समस्त विश्वचक्र को मोहित करने वाले मनोभव ने देवताओं का कार्य भली-भाँति सिद्ध करके फिर श्रीपुर को प्रस्थान किया।