प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
पुरुषं कथयस्वाथ कथितो ऽज्ञैर्विभाष्यते / शुद्धो निरञ्जनाभासो ज्ञाता ज्ञानविवर्जितः
puruṣaṃ kathayasvātha kathito 'jñairvibhāṣyate / śuddho nirañjanābhāso jñātā jñānavivarjitaḥ
‘पुरुष का वर्णन करो’—ऐसा कहे जाने पर अज्ञ लोग उसे भिन्न-भिन्न ढंग से बोलते हैं। वह शुद्ध है, निरञ्जन-प्रभा-स्वरूप है; वह ज्ञाता है, पर (विषयगत) ज्ञान से रहित है।