प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
ज्ञानाच्चतुर्द्दशाबुद्धः प्रकृतिस्थो निवर्तते / प्रकृतिं सत्यमित्याहुर्विकारो ऽनृतमुच्यते
jñānāccaturddaśābuddhaḥ prakṛtistho nivartate / prakṛtiṃ satyamityāhurvikāro 'nṛtamucyate
ज्ञान से चौदह अवस्थाओं का बोध पाकर, प्रकृति में स्थित जीव निवृत्त हो जाता है; प्रकृति को ‘सत्य’ कहते हैं और उसके विकार को ‘असत्य’ कहा जाता है।