प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
ब्रह्मादीनि पिशाचान्तान्यष्टौ स्थानानि देवता / ऐश्वर्यमाणिमाद्यं हि कारणं ह्यष्टलक्षणम्
brahmādīni piśācāntānyaṣṭau sthānāni devatā / aiśvaryamāṇimādyaṃ hi kāraṇaṃ hyaṣṭalakṣaṇam
ब्रह्मा आदि से लेकर पिशाच तक देवताओं के आठ स्थान (वर्ग) हैं। ऐश्वर्य, अणिमा आदि—ये आठ लक्षणों वाला कारण (तत्त्व) है।