प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
ऊष्मा प्रकुपितः काये तीव्रवायुसमीरितः / स शरीरमुपाश्रित्य कृत्स्नान्दोषान्रुणद्धि वै
ūṣmā prakupitaḥ kāye tīvravāyusamīritaḥ / sa śarīramupāśritya kṛtsnāndoṣānruṇaddhi vai
शरीर में प्रकुपित ऊष्मा तीव्र वायु से प्रेरित होकर, उसी शरीर का आश्रय लेकर समस्त दोषों को अवरुद्ध कर देती है।