प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
इत्येष प्रतिसर्गो वस्त्रिविदः कीर्त्तितो मया / विस्तरेणानुपूर्व्याच भूयः किं वर्त्तयाम्यहम्
ityeṣa pratisargo vastrividaḥ kīrttito mayā / vistareṇānupūrvyāca bhūyaḥ kiṃ varttayāmyaham
इस प्रकार यह प्रतिसर्ग, हे सूत, मैंने यथाविधि वर्णित किया। अब विस्तार और क्रम से फिर मैं क्या कहूँ?