प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
एषा निसर्गप्रतिसर्गपूर्वा प्राधानिकी चेश्वरकारिता वा / अनाद्यनन्ता ह्यभिमानपूर्वकं वित्रासयन्ती जगदभ्युपैति
eṣā nisargapratisargapūrvā prādhānikī ceśvarakāritā vā / anādyanantā hyabhimānapūrvakaṃ vitrāsayantī jagadabhyupaiti
यह शक्ति निसर्ग और प्रतिसर्ग से पूर्ववर्ती है—या तो प्रधान से उत्पन्न, या ईश्वर द्वारा कराई हुई। यह अनादि और अनन्त है; अभिमान के साथ जगत् को भयभीत करती हुई प्रकट होती है।