प्रत्याहारवर्णनम्
Pratyāhāra—Cosmic Withdrawal / Dissolution Sequence
दृश्यादृश्येषु निर्देश्यं तदा तद्दुर्द्धरं वरम् / विज्ञाता न च दृश्येत वृथक्त्वेनेह सर्वशः
dṛśyādṛśyeṣu nirdeśyaṃ tadā taddurddharaṃ varam / vijñātā na ca dṛśyeta vṛthaktveneha sarvaśaḥ
दृश्य और अदृश्य में जब उसका निर्देश किया जाता है, तब वह श्रेष्ठ तत्त्व अत्यन्त दुर्धर हो जाता है। ज्ञाता यहाँ सर्वथा पृथक् रूप से दृश्य नहीं होता।