Viśukra–Viṣaṅga-vadha (The Slaying of Viśukra and Viṣaṅga) — Lalitopākhyāna
तीक्ष्णासिवल्लरीजालैर्निबिडीकृततीरभूः / दैत्यवीरेक्षमश्रेणिमुक्तिंसपुटभासुरा
tīkṣṇāsivallarījālairnibiḍīkṛtatīrabhūḥ / daityavīrekṣamaśreṇimuktiṃsapuṭabhāsurā
तीक्ष्ण तलवारों की लताओं-जैसे जालों से तटभूमि घनी हो गई थी; दैत्यवीरों की आँखों और दाढ़ियों की पंक्तियों, तथा मुक्ताओं के पुंज से वह चमक रही थी।