Viśukra–Viṣaṅga-vadha (The Slaying of Viśukra and Viṣaṅga) — Lalitopākhyāna
कालाग्निरिव संक्रुद्धो निर्जगाम निजात्पुरात् / तालजङ्घादिकैः सार्द्धंपूर्वद्वारे निवेशिते
kālāgniriva saṃkruddho nirjagāma nijātpurāt / tālajaṅghādikaiḥ sārddhaṃpūrvadvāre niveśite
कालाग्नि के समान क्रुद्ध होकर वह अपने नगर से बाहर निकला, और पूर्वद्वार पर तैनात तालजंघ आदि के साथ आगे बढ़ा।