Viśukra–Viṣaṅga-vadha (The Slaying of Viśukra and Viṣaṅga) — Lalitopākhyāna
ललितां तां नमस्कृत्य बद्धाञ्जलिपुटाः स्थिताः / प्रतिकल्पं धर्मरक्षां कर्तुं मत्स्या दिजन्मभिः / ललितांबानियुक्तास्ते वैकुण्ठाय प्रतस्थिरे
lalitāṃ tāṃ namaskṛtya baddhāñjalipuṭāḥ sthitāḥ / pratikalpaṃ dharmarakṣāṃ kartuṃ matsyā dijanmabhiḥ / lalitāṃbāniyuktāste vaikuṇṭhāya pratasthire
उस ललिता देवी को नमस्कार कर वे हाथ जोड़कर खड़े रहे। प्रत्येक कल्प में मत्स्य आदि दिव्य जन्मों द्वारा धर्म-रक्षा करने को ललिताम्बा द्वारा नियुक्त होकर वे वैकुण्ठ को प्रस्थान कर गए।