Viśukra–Viṣaṅga-vadha (The Slaying of Viśukra and Viṣaṅga) — Lalitopākhyāna
दक्षहस्तकनिष्ठाग्राज्जाताः कामेशयोषितः / महाकाया महोत्साहास्तदस्त्रं समनाशयन्
dakṣahastakaniṣṭhāgrājjātāḥ kāmeśayoṣitaḥ / mahākāyā mahotsāhāstadastraṃ samanāśayan
दाहिने हाथ की कनिष्ठा के अग्रभाग से उत्पन्न कामेश्वर की दिव्य योषिताएँ—महाकाय और महोत्साही—उस अस्त्र का पूर्णतः नाश करने लगीं।