Viśukra–Viṣaṅga-vadha (The Slaying of Viśukra and Viṣaṅga) — Lalitopākhyāna
क्षणाद्विदारयामास नखैः कुलिशकर्कशैः / बलीन्द्रास्त्रं महाघोरं सर्वदैवतनाशनम् / अमुञ्चल्ललिता देवी प्रतिभण्डमहासुरम्
kṣaṇādvidārayāmāsa nakhaiḥ kuliśakarkaśaiḥ / balīndrāstraṃ mahāghoraṃ sarvadaivatanāśanam / amuñcallalitā devī pratibhaṇḍamahāsuram
क्षणभर में वज्र-से कठोर नखों से (उसने) विदीर्ण कर दिया। तब ललिता-देवी ने अत्यन्त घोर, समस्त देवताओं का नाश करने वाले ‘बलीन्द्रास्त्र’ को प्रति-भण्ड नामक महासुर पर छोड़ा।