Gaṇanātha-Parākrama (Episode of Gaṇeśa’s Martial Exploit) — Lalitopākhyāna Battle Continuation
शस्त्रक्षतरुगाहन्त्री चास्थिसंधानदायिनी / रणभ्रमहरा शीता लघ्व्यस्तद्वत्कवोष्ठकाः
śastrakṣatarugāhantrī cāsthisaṃdhānadāyinī / raṇabhramaharā śītā laghvyastadvatkavoṣṭhakāḥ
वे शस्त्र-क्षत के घावों में प्रविष्ट होकर उन्हें हरने वाली, और अस्थियों का संधान कराने वाली थीं; रण-भ्रम को दूर करने वाली, शीतल और लघु थीं—और कुछ ‘कवोष्ठक’ नामक वैसी ही थीं।