दुर्मद-कुरण्ड-वधः (The Slaying of Durmada and Kuraṇḍa) — Lalitopākhyāna Battle Continuation
तयैवं प्रेषिताः शीघ्रं तदालोक्य रणक्षितिम् / मुदितास्ते पुनर्भीत्या शून्यकायां पलायिताः
tayaivaṃ preṣitāḥ śīghraṃ tadālokya raṇakṣitim / muditāste punarbhītyā śūnyakāyāṃ palāyitāḥ
उसके इस प्रकार भेजे जाने पर वे शीघ्र ही रणभूमि को देखकर प्रसन्न हुए; पर फिर भय से व्याकुल होकर वे शून्यकाया (नगरी) की ओर भाग गए।