दुर्मद-कुरण्ड-वधः (The Slaying of Durmada and Kuraṇḍa) — Lalitopākhyāna Battle Continuation
चमूपतिशख्यूहैराहतेभ्यः परःशतैः / बभ्रूणां वज्रदतेभ्यो निश्चक्राम हुताशनः / पञ्चापि ते चमूनाथविसृष्टैरेकहेलया
camūpatiśakhyūhairāhatebhyaḥ paraḥśataiḥ / babhrūṇāṃ vajradatebhyo niścakrāma hutāśanaḥ / pañcāpi te camūnāthavisṛṣṭairekahelayā
चमूपति के शख-व्यूहों द्वारा सैकड़ों प्रहारों से आहत बभ्रुओं के वज्र-तुल्य दाँतों के बीच से अग्निदेव प्रकट हो उठे। और सेनानायक द्वारा छोड़े गए बाणों से वे पाँचों सहज ही दबा दिए गए।