दुर्मद-कुरण्ड-वधः (The Slaying of Durmada and Kuraṇḍa) — Lalitopākhyāna Battle Continuation
सर्पिणीमायया जातान्सर्पान्दृष्ट्वा भयानकान् / क्रोधरक्तेक्षणं व्यात्तं नकुली विदधे मुखम्
sarpiṇīmāyayā jātānsarpāndṛṣṭvā bhayānakān / krodharaktekṣaṇaṃ vyāttaṃ nakulī vidadhe mukham
सर्पिणी की माया से उत्पन्न भयानक सर्पों को देखकर नकुली देवी ने क्रोध से लाल नेत्रों सहित अपना मुख फैलाया।