Ābhūta-saṃplava & Loka-vibhāga
Dissolution Threshold and the Fourteen Abodes
देवत्वे च ऋषित्वे च मनुष्यत्वे च सर्वशः / एवं देवगणाः सर्वे दशकृत्वो निवर्त्यवै
devatve ca ṛṣitve ca manuṣyatve ca sarvaśaḥ / evaṃ devagaṇāḥ sarve daśakṛtvo nivartyavai
देवत्व में, ऋषित्व में और मनुष्यत्व में भी—इस प्रकार समस्त देवगण दस बार लौट-लौटकर आते हैं।