Ābhūta-saṃplava & Loka-vibhāga
Dissolution Threshold and the Fourteen Abodes
भूर्लोकप्रथमा लोका महरन्ताश्च ते स्मृताः / तान्सर्वान्सप्तसूर्यास्ते अर्चिभिर्निर्दहन्ति वै
bhūrlokaprathamā lokā maharantāśca te smṛtāḥ / tānsarvānsaptasūryāste arcibhirnirdahanti vai
भूर्लोक से आरम्भ होकर महर्लोक तक ये लोक माने गए हैं। उन सबको वे सात सूर्य अपनी ज्वालाओं से निश्चय ही दग्ध कर देते हैं।