Ābhūta-saṃplava & Loka-vibhāga
Dissolution Threshold and the Fourteen Abodes
महेति व्यात्दृतेनैव महर्लोकस्ततो ऽभवत् / विनिवृत्ताधिकारणां देवानां तत्र वै क्षयः
maheti vyātdṛtenaiva maharlokastato 'bhavat / vinivṛttādhikāraṇāṃ devānāṃ tatra vai kṣayaḥ
‘मः’ इस व्याहृति के उच्चारण से महर्लोक उत्पन्न हुआ। जिन देवताओं का अधिकार निवृत्त हो गया, उनका वहाँ निश्चय ही क्षय होता है।