Ābhūta-saṃplava & Loka-vibhāga
Dissolution Threshold and the Fourteen Abodes
अजाविको माहिषिकस्तथा चक्रध्वजी च यः / रङ्गोपजीवको विप्रः शाकनिर्ग्रामयाजकः
ajāviko māhiṣikastathā cakradhvajī ca yaḥ / raṅgopajīvako vipraḥ śākanirgrāmayājakaḥ
जो बकरी-भेड़ पालने/व्यापार करने वाला, भैंसों का पालक, चक्र-ध्वज धारण करने वाला; रंगमंच से जीविका चलाने वाला ब्राह्मण, तथा शाक-निर्ग्राम याजक हो—(ऐसे जन)।