Ābhūta-saṃplava & Loka-vibhāga
Dissolution Threshold and the Fourteen Abodes
क्रूरग्रह पक्षवादी ह्यसक्तः पतते नरः / राधो गोध्रो भ्रूणहा च ह्यग्निदाता पुरस्य च
krūragraha pakṣavādī hyasaktaḥ patate naraḥ / rādho godhro bhrūṇahā ca hyagnidātā purasya ca
जो क्रूर होकर पक्षपातपूर्ण वाद करता है और सत्य से विमुख रहता है, वह नरक में गिरता है; तथा राध (चोर), गोध्र (गौ-हन्ता), भ्रूणहन्ता, और नगर में आग लगाने वाला भी।