Ābhūta-saṃplava & Loka-vibhāga
Dissolution Threshold and the Fourteen Abodes
बालाग्राण्यष्टलिक्षा स्याद्यूकालिक्षाष्टकं भवेत् / यूकाष्टकं यवप्राहुरङ्गुलं तु यवाष्टकम्
bālāgrāṇyaṣṭalikṣā syādyūkālikṣāṣṭakaṃ bhavet / yūkāṣṭakaṃ yavaprāhuraṅgulaṃ tu yavāṣṭakam
आठ बालाग्र मिलकर एक ‘लिक्षा’ होते हैं; आठ लिक्षा मिलकर ‘यूका’ होती है। आठ यूका को ‘यव’ कहते हैं; और आठ यव से ‘अंगुल’ बनता है।