ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति
Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences
जय श्रीकण्ठदयिते जय श्रीललितेंबिके / जय श्रीविजये देवि विजय श्रीसमृद्धिदे
jaya śrīkaṇṭhadayite jaya śrīlaliteṃbike / jaya śrīvijaye devi vijaya śrīsamṛddhide
जय हो श्रीकण्ठ-प्रिय देवी, जय हो श्रीललिता अम्बिके। जय हो श्रीविजया देवी, जो विजय, श्री और समृद्धि प्रदान करती हैं।