Vaṃśānuvārṇana and the Transition to the Fourth (Upasaṃhāra) Pada
कुलेकुले निसर्गास्तु तस्माज्ज्ञेया विभागशः / तेषामेव हि सिद्ध्यर्थं विस्तरेण क्रमेण च
kulekule nisargāstu tasmājjñeyā vibhāgaśaḥ / teṣāmeva hi siddhyarthaṃ vistareṇa krameṇa ca
प्रत्येक कुल में जो-जो स्वाभाविक उत्पत्तियाँ हैं, उन्हें विभाग के अनुसार जानना चाहिए। उन्हीं की सिद्धि के लिए यह वर्णन विस्तार से और क्रमपूर्वक किया जाता है।