गङ्गानयनम् (Gaṅgānayana) — “The Bringing/Leading of the Gaṅgā”
विषादमगमत्तीव्रं यमं दृष्ट्वेव पातकी / भयकंपितसर्वाङ्गस्ततो नदनदीपतिः
viṣādamagamattīvraṃ yamaṃ dṛṣṭveva pātakī / bhayakaṃpitasarvāṅgastato nadanadīpatiḥ
जैसे पापी यम को देखकर घोर विषाद में पड़ता है, वैसे ही नद-नदियों का स्वामी समुद्र भय से काँपते अंगों सहित अत्यंत शोकाकुल हो गया।