गङ्गानयनम् (Gaṅgānayana) — “The Bringing/Leading of the Gaṅgā”
गृहीत्वारोपयामास क्रोधसंरक्तलोचनः / अभिमृश्य धनुःश्रेष्ठं सगुणं भृगुसत्तमः
gṛhītvāropayāmāsa krodhasaṃraktalocanaḥ / abhimṛśya dhanuḥśreṣṭhaṃ saguṇaṃ bhṛgusattamaḥ
क्रोध से लाल नेत्रों वाला भृगुकुलश्रेष्ठ (राम) उसे पकड़कर चढ़ाने लगा; धनुषश्रेष्ठ को टटोलकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई।