गङ्गानयनम् (Gaṅgānayana) — “The Bringing/Leading of the Gaṅgā”
अलङ्घनीयं तद्वाक्यं वरुणेनावधीरितम् / अत्यन्तमिति कार्यार्थी विदुषा समुपेक्षितम्
alaṅghanīyaṃ tadvākyaṃ varuṇenāvadhīritam / atyantamiti kāryārthī viduṣā samupekṣitam
वरुण द्वारा कहा गया वह वचन उल्लंघनीय नहीं था, फिर भी उसका तिरस्कार किया गया। उसे ‘अत्यन्त’ समझकर कार्यसिद्धि चाहने वाले विद्वान ने भी उपेक्षा कर दी।