रामस्य हिमवद्गमनम्
Rama’s Journey to Himavat
गिरिकन्दरसंसक्तकिन्नरीसमुदीरितैः / सतालनादैरुदिनैर्भृताशेषदिशामुखम्
girikandarasaṃsaktakinnarīsamudīritaiḥ / satālanādairudinairbhṛtāśeṣadiśāmukham
पर्वत-कंदराओं में गूँजती किन्नरियों के गान से उठे, ताल-नाद से युक्त ऊँचे स्वर समस्त दिशाओं के मुख को भर देते थे।