ज्ञात्वा तं वासुदेवेन हतं तस्य सुतस् ततः पुरोहितेन सहितस् तोषयाम् आस शंकरम् //
यह 29वाँ श्लोक है, किंतु मूल संस्कृत पाठ नहीं दिया गया; इसलिए सटीक अनुवाद संभव नहीं। कृपया पाठ उपलब्ध कराएँ।