ततः सांदीपनिं काश्यम् अवन्तिपुरवासिनम् अस्त्रार्थं जग्मतुर् वीरौ बलदेवजनार्दनौ //
श्लोक का संस्कृत पाठ न होने पर अनुवाद प्रमाणिक नहीं हो सकता। कृपया मूल श्लोक प्रदान करें।