स्वर्गः सुराणाम् अभवद् असुराणाम् इलाभवत् कर्मभूमिम् अवष्टभ्य असुराः सर्वतो ऽभवन् //
मूल श्लोक-पाठ के बिना अनुवाद संभव नहीं; कृपया ब्रह्मपुराण 160.3 का पूरा श्लोक दें।