अपसृतातिक्षिप्तयोरपसृतमेकराज्यातिक्रान्तं मन्त्रव्यायामाभ्यां सत्त्रमित्रापाश्रयं युध्येत नातिक्षिप्तमनेकराज्यातिक्रान्तं बह्वाबाधत्वात् ॥ कZ_०८.५.११ ॥
apasṛtātikṣiptayor apasṛtam ekarājyātikrāntaṃ mantravyāyāmābhyāṃ sattramitrāpāśrayaṃ yudhyeta nātikṣiptam anekarājyātikrāntaṃ bahvābādhatvāt
पीछे हटे हुए और अत्यधिक दूर तक फैल गए बल—इनमें, जो पीछे हटा हुआ हो और केवल एक राज्य पार कर आया हो, उससे मंत्रणा और प्रयत्न (व्यायाम) द्वारा तथा मित्र-आश्रय लेकर युद्ध करे; जो अत्यधिक फैल गया हो और अनेक राज्य पार कर चुका हो, उससे युद्ध न करे, क्योंकि उसमें बहुत-सी बाधाएँ होती हैं।
Kauṭilya flags that deep multi-kingdom penetration creates too many variables (routes, politics, supplies), making engagement costly and uncertain.