Draupadī’s Grief at Seeing the Heroes in Disguise (द्रौपदी-विषादः / वेष-परिभव-वर्णनम्)
जिनके कहीं यात्रा करते समय दस हजार हाथी और सोनेकी मालाएँ पहने हुए सहस्रों घोड़े पीछे-पीछे चलते थे, वे ही महाराज यहाँ जूएसे जीविका चलाते हैं ।। रथा: शतसहस्राणि नृपाणाममितौजसाम् | उपासन्त महाराजमिन्द्रप्रस्थे युधिष्ठिरम्
rathāḥ śata-sahasrāṇi nṛpāṇām amita-ojasām | upāsanta mahārājam indraprasthe yudhiṣṭhiram ||
ઇન્દ્રપ્રસ્થમાં અમિત પરાક્રમી રાજાઓના શતસહસ્ર રથો મહારાજ યુધિષ્ઠિરની સેવામાં હાજર રહેતા.
वैशम्पायन उवाच