Kaurava Mobilization at Kurukṣetra (Duryodhana Orders War Preparations) / कुरुक्षेत्रे धार्तराष्ट्र-सैन्यसज्जा
धृष्टद्युम्नमहं मन््ये सेनापतिमरिंदम । “हमारी सेना अत्यन्त शक्तिशाली, दुर्धर्ष और दुर्गम है। वह युद्धमें धृतराष्ट्रपुत्रोंकी सेनाका संहार कर डालेगी, इसमें संशय नहीं है। शत्रुदमन! मैं धृष्टद्युम्नको ही प्रधान सेनापति होनेयोग्य मानता हूँ || ४८ है ।। वैशम्पायन उवाच एवमुक्ते तु कृष्णेन सम्प्राह्ष्यन्नरोत्तमा:,वैशम्पायनजी कहते हैं--राजन्! भगवान् श्रीकृष्णके ऐसा कहनेपर वे नरश्रेष्ठ पाण्डव बड़े प्रसन्न हुए। फिर तो युद्धके लिये 'सुसज्जित हो जाओ, सुसज्जित हो जाओ' ऐसा कहते हुए समस्त सैनिक बड़ी उतावलीके साथ दौड़-धूप करने लगे। उस समय प्रसन्न चित्तवाले उन वीरोंका महान् हर्षनबाद सब ओर गूँज उठा
dhṛṣṭadyumnam ahaṃ manye senāpatim ariṃdama | evam ukte tu kṛṣṇena samprahṛṣyann narottamāḥ |
હે શત્રુદમન! હું ધૃષ્ટદ્યુમ્નને જ સેનાપતિ માનું છું.
वैशम्पायन उवाच