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Shloka 17

सिंहस्कन्धौ दीर्घभुजौ रक्ताक्षौ हेममालिनौ | सिंहस्कन्धप्रतीकाशौ व्यूढोरस्कौ महाबलौ,वे दोनों पुरुषसिंह रथपर विराजमान और रथियोंमें श्रेष्ठ थे। दोनोंने विशाल धनुष धारण किये थे। दोनों ही बाण, शक्ति और ध्वजसे सम्पन्न थे। दोनों कवचधारी थे और कमरमें तलवार बाँधे हुए थे। उन दोनोंके घोड़े श्वेत रंगके थे। वे दोनों ही शंखसे सुशोभित, उत्तम तरकससे सम्पन्न और देखनेमें सुन्दर थे। दोनोंके ही अंगोंमें लाल चन्दनका अनुलेप लगा हुआ था। दोनों ही साँड्ोंक॒े समान मदमत्त थे। दोनोंके धनुष और ध्वज विद्युत॒के समान कान्तिमान्‌ थे। दोनों ही शस्त्रसमूहोंद्वारा युद्ध करनेमें कुशल थे। दोनों ही चँवर और व्यजनोंसे युक्त तथा श्वेत छत्रसे सुशोभित थे। एकके सारथि श्रीकृष्ण थे तो दूसरेके शल्य। उन दोनों महारथियोंके रूप एक-से ही थे। उनके कंधे सिंहके समान, भुजाएँ बड़ी-बड़ी और आँखें लाल थीं। दोनोंने सुवर्णकी मालाएँ पहन रखी थीं। दोनों सिंहके समान उन्नत कंधोंसे प्रकाशित होते थे। दोनोंकी छाती चौड़ी थी और दोनों ही महान्‌ बलशाली थे। दोनों एक-दूसरेका वध चाहते और परस्पर विजय पानेकी अभिलाषा रखते थे। गोशालामें लड़नेवाले दो साँड़ोंके समान वे दोनों एक-दूसरेपर धावा करते थे। मद बहानेवाले मदोन्मत्त हाथियोंके समान दोनों ही रोषावेशमें भरे हुए थे। पर्वतके समान अविचल थे। विषधर सर्पोंके शिशुओं-जैसे जान पड़ते थे। यम, काल और अन्तकके समान भयंकर प्रतीत होते थे। इन्द्र और वृत्रासुरके समान वे एक-दूसरेपर कुपित थे। सूर्य और चन्द्रमाके समान अपनी प्रभा बिखेर रहे थे। क्रोधमें भरे हुए दो महान्‌ ग्रहोंके समान प्रलय मचानेके लिये उठ खड़े हुए थे। दोनों ही देवताओंके बालक, देवताओंके समान बली और देवतुल्य रूपवान्‌ थे। दैवेच्छासे भूतलपर उतरे हुए सूर्य और चन्द्रमाके समान शोभा पाते थे। दोनों ही समरांगणमें बलवान्‌ और अभिमानी थे। युद्धके लिये नाना प्रकारके अस्त्र-शस्त्र धारण किये हुए थे। प्रजानाथ! आमने-सामने खड़े हुए दो सिंहोंके समान उन दोनों नरव्याप्र वीरोंको देखकर आपके सैनिकोंको महान्‌ हर्ष हुआ

sañjaya uvāca |

siṁhaskandhau dīrghabhujau raktākṣau hemamālinau |

siṁhaskandhapratīkāśau vyūḍhoraskau mahābalau ||

સંજય બોલ્યો—તે બંને સિંહસ્કંધ, દીર્ઘભુજ, રક્તનેત્ર અને હેમમાલાધારી હતા. સિંહ સમ ઉન્નત ખભાથી દીપ્ત, વિસ્તૃત વક્ષસ્થળવાળા—બંને મહાબલી હતા.

सिंहस्कन्धौhaving lion-like shoulders
सिंहस्कन्धौ:
Karta
TypeAdjective
Rootसिंहस्कन्ध
FormMasculine, Nominative, Dual
दीर्घभुजौhaving long arms
दीर्घभुजौ:
Karta
TypeAdjective
Rootदीर्घभुज
FormMasculine, Nominative, Dual
रक्ताक्षौred-eyed
रक्ताक्षौ:
Karta
TypeAdjective
Rootरक्ताक्ष
FormMasculine, Nominative, Dual
हेममालिनौwearing golden garlands
हेममालिनौ:
Karta
TypeAdjective
Rootहेममालिन्
FormMasculine, Nominative, Dual
सिंहस्कन्धप्रतीकाशौappearing like lion-shouldered (ones)
सिंहस्कन्धप्रतीकाशौ:
Karta
TypeAdjective
Rootसिंहस्कन्धप्रतीकाश
FormMasculine, Nominative, Dual
व्यूढोरस्कौbroad-chested
व्यूढोरस्कौ:
Karta
TypeAdjective
Rootव्यूढोरस्
FormMasculine, Nominative, Dual
महाबलौof great strength
महाबलौ:
Karta
TypeAdjective
Rootमहाबल
FormMasculine, Nominative, Dual

संजय उवाच

S
Sañjaya
T
two mahārathas (the paired duelists described in context: Arjuna and Karṇa)
Ś
Śrī Kṛṣṇa (as charioteer, in the surrounding passage)
Ś
Śalya (as charioteer, in the surrounding passage)
C
chariot (ratha)
G
gold garlands (hema-mālā)