नकुल: सहदेवश्न द्रौपदेया: प्रभद्रका:,अभिद्रवन्तु वेगेन कुम्भयोनिवधेप्सया । “नकुल, सहदेव, द्रौपदीके पाँचों पुत्र, प्रभद्रकगण, पुत्रों और भाइयोंसहित द्रुपद और विराट, सात्यकि, केकय तथा पाण्डुपुत्र अर्जुन-ये द्रोणाचार्यके वधकी इच्छासे वेगपूर्वक उनपर धावा बोल दें
«Nakula, Sahadeva, les cinq fils de Draupadī et les Prabhadraka : qu’ils se ruent avec vitesse, animés du désir d’abattre Kumbhayoni (Droṇa).»
संजय उवाच