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Shloka 18

आदि पर्व, अध्याय 67 — गान्धर्वविवाह-समयः

Duḥṣanta–Śakuntalā: Gandharva Marriage and Succession Condition

रोचमान इति ख्यात:ः पृथिव्यां सो5भवन्नूष: । सूक्ष्मस्तु मतिमान्‌ राजन्‌ कीर्तिमान्‌ यः प्रकीर्तित:,अयःशिरा, अश्वशिरा, वीर्यवान्‌ अयः:शंकु, गगनमूर्धा और वेगवान--राजन्‌! ये पाँच पराक्रमी महादैत्य केकय देशके प्रधान-प्रधान महात्मा राजाओंके रूपमें उत्पन्न हुए। उनसे भिन्न केतुमान्‌ नामसे प्रसिद्ध प्रतापी महान्‌ असुर अमितौजा नामसे विख्यात राजा हुआ, जो भयानक कर्म करनेवाला था। स्वर्भानु नामवाला जो श्रीसम्पन्न महान्‌ असुर था, वही भयंकर कर्म करनेवाला राजा उग्रसेन कहलाया। अश्व नामसे विख्यात जो श्रीसम्पन्न महान्‌ असुर था, वही किसीसे परास्त न होनेवाला महापराक्रमी राजा अशोक हुआ। राजन! उसका छोटा भाई जो अश्वपति नामक दैत्य था, वही मनुष्योंमें श्रेष्ठ हार्दिक्य नामवाला राजा हुआ। वृषपर्वा नामसे प्रसिद्ध जो श्रीमान्‌ महादैत्य था, वह पृथ्वीपर दीर्घप्रज्ञ नामक राजा हुआ। राजन! वृषपर्वाका छोटा भाई जो अजक था, वही इस भूमण्डलमें शाल्व नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। अश्वग्रीव नामवाला जो धैर्यवान्‌ महादैत्य था, वह पृथ्वीपर रोचमान नामसे विख्यात राजा हुआ। राजन! बुद्धिमान्‌ और यशस्वी सूक्ष्म नामसे प्रसिद्ध जो दैत्य कहा गया है, वह इस पृथ्वीपर बृहद्रथ नामसे विख्यात राजा हुआ है। असूुरोंमें श्रेष्ठ जो तुहुण्ड नामक दैत्य था, वही यहाँ सेनाबिन्दु नामसे विख्यात राजा हुआ। असुरोंके समाजमें जो सबसे अधिक बलवान था, वह इषुपाद नामक दैत्य इस पृथ्वीपर विख्यात पराक्रमी नग्नजित्‌ नामक राजा हुआ। एकचक्र नामसे प्रसिद्ध जो महान्‌ असुर था, वही इस पृथ्वीपर प्रतिविन्ध्य नामसे विख्यात राजा हुआ। विचित्र युद्ध करनेवाला महादैत्य विरूपाक्ष इस पृथ्वीपर चित्रधर्मा नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। शत्रुओंका संहार करनेवाला जो वीर दानवश्रेष्ठ हर था, वही सुबाहु नामक श्रीसम्पन्न राजा हुआ। शत्रुपक्षका विनाश करनेवाला महातेजस्वी अहर इस भूमण्डलमें बाह्लिक नामसे विख्यात राजा हुआ। चन्द्रमाके समान सुन्दर मुखवाला जो असुरश्रेष्ठ निचन्द्र था, वही मुंजकेश नामसे विख्यात श्रीसम्पन्न राजा हुआ। परम बुद्धिमान्‌ निकुम्भ जो युद्धमें अजेय था, वह इस भूमिपर भूपालोंमें श्रेष्ठ देवाधिप कहलाया। दैत्योंमें जो शरभ नामसे प्रसिद्ध महान्‌ असुर था, वही मनुष्योंमें श्रेष्ठ राजर्षि पौरव हुआ। राजन! महापराक्रमी महान्‌ असुर कुपट ही इस पृथ्वीपर राजा सुपार्श्वके रूपमें उत्पन्न हुआ। महाराज! महादैत्य क्रथ इस पृथ्वीपर राजर्षि पार्वतेयके नामसे उत्पन्न हुआ, उसका शरीर मेरु पर्वतके समान विशाल था। असुरोंमें शलभ नामसे प्रसिद्ध जो दूसरा दैत्य था, वह बाह्लीकवंशी राजा प्रह्मद हुआ। दैत्यश्रेष्ठ चन्द्र इस लोकमें चन्द्रमाके समान सुन्दर और चन्द्रवर्मा नामसे विख्यात काम्बोज देशका राजा हुआ। अर्क नामसे विख्यात जो दानवोंका सरदार था, वही नरपतियोंमें श्रेष्ठ राजर्षि ऋषिक हुआ। नृपशिरोमणे! मृतपा नामसे प्रसिद्ध जो श्रेष्ठ असुर था, उसे पश्चिम अनूप देशका राजा समझो। गविष्ठ नामसे प्रसिद्ध जो महातेजस्वी असुर था, वही इस पृथ्वीपर द्रुमसेन नामक राजा हुआ। मयूर नामसे प्रसिद्ध जो श्रीमान्‌ एवं महान्‌ असुर था, वही विश्व नामसे विख्यात राजा हुआ। मयूरका छोटा भाई सुपर्ण ही भूमण्डलमें कालकीर्ति नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। दैत्योंमें जो चन्द्रहन्ता नामसे प्रसिद्ध श्रेष्ठ असुर कहा गया है, वही मनुष्योंका स्वामी राजर्षि शुनक हुआ। इसी प्रकार जो चन्द्रविनाशन नामक महान्‌ असुर बताया गया है, वही जानकि नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। कुरुश्रेष्ठ जनमेजय! दीर्घजिह्न नामसे प्रसिद्ध दानवराज ही इस पृथ्वीपर काशिराजके नामसे विख्यात था। सिंहिकाने सूर्य और चन्द्रमाका मान मर्दन करनेवाले जिस राहु नामक ग्रहको जन्म दिया था, वही यहाँ क्राथ नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ

vaiśampāyana uvāca |

rocamāna iti khyātaḥ pṛthivyāṃ so 'bhavannūṣaḥ |

sūkṣmas tu matimān rājan kīrtimān yaḥ prakīrtitaḥ |

Vaiśampāyana dit : «Cet être puissant devint sur la terre un roi renommé sous le nom de Rocamāna. Et le Daitya appelé Sūkṣma—célébré pour son intelligence et sa gloire—naquit ici comme souverain humain.» Dans ce passage, le narrateur poursuit l’avertissement moral implicite à la généalogie : des puissances mues par des actes durs ou terrifiants peuvent reparaître parmi les hommes sous la forme de rois ; ainsi, la souveraineté terrestre peut dissimuler d’anciens élans non humains. C’est pourquoi le discernement (mati) et la retenue sont essentiels pour juger les rois et leurs actes.

रोचमानःRocamāna (name)
रोचमानः:
Karta
TypeNoun
Rootरोचमान (प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
इतिthus; as
इति:
TypeIndeclinable
Rootइति
ख्यातःknown; famed
ख्यातः:
Karta
TypeAdjective
Rootख्यात (कृदन्त; √ख्या)
FormMasculine, Nominative, Singular
पृथिव्याम्on the earth
पृथिव्याम्:
Adhikarana
TypeNoun
Rootपृथिवी (प्रातिपदिक)
FormFeminine, Locative, Singular
सःhe
सः:
Karta
TypePronoun
Rootतद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
अभवत्became; was born
अभवत्:
TypeVerb
Root√भू
FormImperfect (Laṅ), 3, Singular, Parasmaipada
नूषःNūṣa (name)
नूषः:
Karta
TypeNoun
Rootनूष (प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
सूक्ष्मःSūkṣma (name)
सूक्ष्मः:
Karta
TypeNoun
Rootसूक्ष्म (प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
तुbut; indeed
तु:
TypeIndeclinable
Rootतु
मतिमान्intelligent
मतिमान्:
Karta
TypeAdjective
Rootमतिमत् (प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
राजन्O king
राजन्:
TypeNoun
Rootराजन् (प्रातिपदिक)
FormMasculine, Vocative, Singular
कीर्तिमान्famous; renowned
कीर्तिमान्:
Karta
TypeAdjective
Rootकीर्तिमत् (प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
यःwho
यः:
Karta
TypePronoun
Rootयद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
FormMasculine, Nominative, Singular
प्रकीर्तितःproclaimed; celebrated
प्रकीर्तितः:
Karta
TypeAdjective
Rootप्रकीर्तित (कृदन्त; √कीर्त्/√कृत् in caus./denom. usage)
FormMasculine, Nominative, Singular

वैशम्पायन उवाच

V
Vaiśampāyana
J
Janamejaya
R
Rocamāna
S
Sūkṣma
P
Pṛthivī (Earth)

Educational Q&A

The passage reinforces that outward status (a king’s birth and fame) may mask deeper inherited tendencies; hence rulers should be evaluated by conduct and restraint, not merely by name, power, or reputation.

Vaiśampāyana continues listing beings of Daitya/Asura origin who take birth among humans as kings, identifying Rocamāna and then noting that the famed Daitya Sūkṣma likewise becomes a human ruler.